स्रोत से कर कटौती (टीडीएस) करने के बावजूद यह रकम समय पर सरकारी खाते में जमा न कराने वाली कंपनियों पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
बोर्ड ने इस बारे में एक वक्तव्य जारी कर ऐसा करने वाली कंपनियों के संचालकों को आयकर अधिनियम की धारा 176 बी के तहत जेल भेजे जाने की चेतावनी दी है।
सीबीडीटी ने अपने वक्तव्य में कहा है कि देखने में आ रहा है कि कई मामलों में टीडीएस काटे जाने के बावजूद उसे तय समय सीमा के भीतर सरकारी खाते में जमा नहीं किया जा रहा है।
इस रकम का इस्तेमाल कारोबार में या व्यक्तिगत कामों के लिए किया जा रहा है। ऐसा करने वालों को कानूनी प्रावधान के मुताबिक सात साल तक का सश्रम कारावास की सजा हो सकती है।
बोर्ड ने बताया है निर्धारित तिथि तक टीडीएस जमा न किए जाने के मामलों में आयकर विभाग कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
सीबीडीटी ने भी इस मामले में कार्रवाई के लिए कम से कम 12 माह तक टीडीएस की रकम रोके रखने की अवधि में संशोधन कर दिया है।
इसके तहत अब टीडीएस काट कर उसे सरकारी खाते में जमा न करने के सारे मामलों में लोगों पर जेल भेजने की कार्रवाई समान रूप से की जा सकेगी, भले ही उनके द्वारा रकम को रोके रखने की अवधि कितनी भी हो।