वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चालू वित्तीय वर्ष के शेष बचे समय में बजटीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजस्व अधिकारियों को अपने कर संग्रह के प्रयासों में तेजी लाने को कहा है। वित्त मंत्री ने यहां केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि निश्चित रूप से बजट लक्ष्य हासिल करने को लेकर आशंका बनी हुई है। लेकिन, फिर भी शेष बचे सात हफ्तों में बजट लक्ष्य हासिल करने के पूरे प्रयास करने होंगे।
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए अप्रत्यक्ष करों से 5.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है। अप्रैल-नवंबर के दौरान अप्रत्यक्ष कर संग्रह की रफ्तार 16.8 फीसदी की सुस्त दर से 2.92 लाख करोड़ रुपये ही रही। जबकि, सालाना 27 फीसदी की दर से कर संग्रह का आकलन था।
वित्त मंत्री चिदंबरम ने चिंता जताई कि कर संग्रह की सुस्त रफ्तार से आर्थिक गतिविधियां शिथिल पड़ जाएंगी। कर संग्रह के लिहाज से यह एक मुश्किल वर्ष है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती, आयात घटने और विनिर्माण सेक्टर की मंदी से कर संग्रह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कर अधिकारियों से कहा कि प्रशासकीय क्षमता को तकनीकी दक्षता से जोड़ना चाहिए। हालांकि, कर प्रशासकीय प्रणाली को तकनीकी आधारित प्रणाली में स्थानांतरित करना सहज नहीं है, लेकिन हम इस रास्ते की अनदेखी नहीं कर सकते हैं।
मालूम हो कि नवंबर में औद्योगिक उत्पाद की वृद्धि दर सिमटकर 0.1 फीसदी पर आ गई। चालू वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीने में आयात 0.71 फीसदी घटकर 361.2 अरब डॉलर रह गया है। आर्थिक वृद्धि दर पहली छमाही में 5.4 फीसदी रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.3 फीसदी थी। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में आर्थिक विकास दर के 5.7 फीसदी रहने का अनुमान है।