टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की ई-फाइल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर के बजाए 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है।
लेकिन कंपनियों और एक करोड़ रुपए से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 30 सितंबर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ऑडिट रिपोर्ट की मैनुअल फाइलिंग भी 30 सितंबर तक करानी होगी।
ई-फाइलिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने वित्त मंत्रालय से रिटर्न भरने की आखिरी तारीख एक महीने बढ़ाने की मांग की है।
आईसीएआई की प्रत्यक्ष कर समिति के उपाध्यक्ष जी. शेखर ने बताया कि इस साल पहली बार टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की ई-फाइलिंग अनिवार्य की गई है। इससे ई-फाइलिंग का बोझ काफी बढ़ गया है।
खुद सरकार पिछले तीन महीने में अपने सॉफ्टवेयर (यूटीलिटी) में 11 बार बदलाव कर चुकी है। इससे समय पर रिटर्न जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड की आपदा, तेलंगाना के आंदोलन, गुजरात में बाढ़ और कई राज्यों में बिजली की आपूर्ति में बाधा के चलते रिटर्न भरने में देरी हो हुई है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बृहस्पतिवार को अधिसूचना जारी कर ई-फाइलिंग की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी है। लेकिन मैनुअल फाइलिंग 30 सितंबर तक ही करनी होगी।
आईसीएआई ने मैनुअल फाइलिंग को पूरी तरह समाप्त कर रिटर्न की आखिरी तारीख एक महीना बढ़ाने की मांग की है।