टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस की भागीदारी में शुरू
होने वाली नई एयरलाइंस को विस्तारा नाम दिया गया है, जो संस्कृत के
विस्तार शब्द से प्रेरित है। इसका मुख्यालय दिल्ली में रहेगा।
विस्तारा की उड़ान अक्टूबर में शुरू होने की उम्मीद है।
देश के विमानन इतिहास से गहरा नाता रखने वाले टाटा समूह सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मिलकर विस्तारा नाम की एयरलाइन शुरू करेगा। सोमवार को इस फुल सर्विस एयरलाइन की कॉरपोरेट पहचान (लोगो) से पर्दा उठाते हुए कंपनी ने उम्मीद जताई है कि विस्तारा की उड़ान अक्टूबर में शुरू हो जाएंगी। इस तरह टाटा समूह की इस साल विदेशी भागीदारी में दो नई एयरलाइंस शुरू हो जाएंगी। इससे एविएशन क्षेत्र में कंपीटिशन बढ़ेगा, जिसका फायदा यात्रियों को मिल सकता है।
टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड के चेयरमैन प्रसाद मेनन ने कहा कि विस्तारा भारत में हवाई सेवाओं को नए मायने देगी। यह नाम संस्कृत के विस्तार शब्द से लिया गया है, जो असीमित आकाश का संकेत देता है। एयरलाइन का लोगो (ब्रांड) अष्टïकोणीय गणितीय यंत्र पर आधारित है। गौरतलब है कि इससे पहले दो बार टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस ने भारत में एयरलाइन शुरू करने के प्रयास किए थे, जो कामयाब नहीं हो पाए। सन 1932 में जेआरडी टाटा ने टाटा एयरलाइंस शुरू की थी, जिसे बाद में एयर इंडिया नाम दिया गया और 1953 में इसका राष्टïरीयकरण हो गया।
दिल्ली मुख्यालय, हर हफ्ते 87 फ्लाइट
टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड की 51 फीसदी हिस्सेदारी टाटा समूह के पास है, जबकि बाकी हिस्सा सिंगापुर एयरलाइंस का है। विस्तार का मुख्यालय दिल्ली में बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, विस्तारा की उड़ान एयरबस-३२० विमानों के साथ शुरू होंगी। पहले साल सप्ताह में 87 घरेलू उड़ान शुरू करने की योजना है। भविष्य में विस्तारा की अंतरराष्टïरीय उड़ानें भी शुरू की जाएंगी। इसके लिए कंपनी अगले पांच साल में कंपनी 20 एयरक्राफ्ट खरीदने की योजना बना रही है।
डीजीसीए की मंजूरी का इंतजार
विस्तारा की अक्टूबर में संभावित लांचिंग विमानन नियामक डीजीसीए की अनुमति पर निर्भर है। पिछले साल अक्टूबर में अप्रैल में टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस के ज्वाइंट वेंचर को एफआईपीबी की मंजूरी मिली थी, जिसके बाद गत अप्रैल में इसे नागर विमानन मंत्रालय की मंजूरी भी मिल चुकी है।