टाटा समूह एक बार फिर एविएशन क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है। मलयेशिया की दिग्गज एयरलाइंस एयर एशिया टाटा के साथ मिलकर भारत में एक सस्ती एयरलाइंस शुरू करने जा रही है।
एयर एशिया और टाटा समूह के अलावा इसमें स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के रिश्तेदार अरुण भाटिया की हिस्सेदारी भी होगी। एयर एशिया ने नई एयरलाइंस में निवेश के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। एविएशन क्षेत्र में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की छूट मिलने के बाद इस तरह की साझेदारी का रास्ता खुला है।
बुधवार को एयर एशिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नई एयरलाइंस में कंपनी 49 फीसदी हिस्सेदारी रखेगी। इस ज्वाइंट वेंचर के लिए एयर एशिया ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को आवेदन भेजा है। दक्षिण भारत को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही यह एयरलाइंस चेन्नई से संचालित होगी।
गौरतलब है कि एयर एशिया का दक्षिण-पूर्व एशिया में अच्छा नेटवर्क है। कंपनी की कोशिश भारतीय एयरलाइंस से अपने इंटरनेशनल नेटवर्क को फीड करने की रहेगी। माना जा रहा है कि नई एयरलाइंस पूरी तरह लो कॉस्ट मॉडल पर काम करेगी और इसका पूरा जोर दक्षिण भारत के टियर-टू व थ्री शहरों पर होगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, नई एयरलाइंस के लिए एयर एशिया, टाटा समूह और अरुण भाटिया के बीच आपसी समझौता हो चुका है। एफआईपीबी के अलावा नागर विमानन मंत्रालय के साथ भी आवश्यक मंजूरी और डीजीसीए से फ्लाइंग परमिट हासिल करने के लिए बातचीत चल रही है।
मुश्किल दौर से गुजर रहे भारतीय विमानन उद्योग के लिए नई एयरलाइंस का आगाज अच्छी खबर है। पिछले साल इंडिगो के अलावा किसी भारतीय एयरलाइंस ने मुनाफा नहीं कमाया है। लेकिन, एयर एशिया के संस्थापक और सीईओ टोनी फर्नांडिस ने ट्विट किया है कि सस्ते किराए के साथ एयर एशिया को भारत में उतारने के लिए मौजूद समय सबसे बेहतर है। उधर, एविएशन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नई एयरलाइंस का संचालन एयर एशिया ही करेगी, टाटा समूह सिर्फ निवेशक भूमिका में रहेगा।