भारत में निवेश करने और मैन्यूफैक्चरिंग व कारोबार का विस्तार करने को लेकर स्वीडन की कंपनियों की धारणा सकारात्मक हो रही है।
सातवें बिजनेस क्लाइमेट सर्वे से पता चलता है कि 90 फीसदी स्वीडन की कंपनियां कारोबार और निवेश के माहौल को 2013 की तुलना में ज्यादा अनुकूल पा रहीं हैं।
स्वीडिश चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (एससीसीआई) एंबेसी ऑफ स्वीडन, कांसुलेट जनरल इन मुंबई के साथ मिल कर यह सर्वे सालाना करती है। इस सर्वे के जरिए भारत में स्वीडन की कंपनियों के कारोबारी भरोसे और उनके अवसरों और चुनौतियों को समझने की कोशिश की जाती है।
भारत में स्वीडन के राजदूत हेराल्ड सैंडबर्ग का कहना है कि सकारात्मक संभावनाएं और भारत में कारोबार करने को लेकर स्वीडन की कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी बिजनेस क्लाइमेंट सर्वे 2014-15 में साफ दिखती है। कंपनियों की धारणा में बदलाव भारत में स्थिर और अनुमानित कारोबारी माहौल मुहैया कराने को लेकर उठाए गए कदम हैं।
साउथ एशिया मार्केट्स के मैनेजिंग डयरेक्टर, टेट्रा पैक और स्वीडिश चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन कानदर्प सिंह का कहना है कि 2012 में 4 में से सिर्फ एक कंपनी ने सकारात्मक निवेश माहौल में विश्वास किया था।
पिछले वर्ष 2 में से एक और इस वर्ष 10 में से 9 कंपनियां आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि यह देखना उत्साहजनक है कि 2014 में 4 में से 3 कंपनियों ने अपना निवेश बढ़ा दिया है। मेरा मानना है कि आगे चल कर स्वीडन की कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति और मजबूत करेंगी।