फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वोडाफोन मामले में सुप्रीम कोर्ट का याचिका पर विचार इनकार

Wed, 02 Jul 2014 10:54 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने ब्रिटेन की दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वोडाफोन पर बकाया करीब 20 हजार करोड़ रुपये की वसूली करने और इस मसले पर पंचाट में जाने से सरकार को रोकने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली बेंच ने हालांकि याचिकाकर्ता पूर्व अतिरिक्त सालिसिटर जनरल बिश्वजीत भट्टाचार्य को इस मामले में अब तक केंद्र की कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों के साथ नई याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है। इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही बेंच ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि क्या उन्होंने संबंधित प्राधिकारियों से बातचीत की है या फिर इस बारे में संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए हैं।

यूपीए सरकार में विधि अधिकारी रह चुके भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार कर का दावा करने के लिए 2012 में संशोधित नियम लागू नहीं कर रही है। उन्होंने अदालत से इस मामले में हस्तक्षेप करने और केंद्र सरकार को निष्पक्ष रूप से बगैर किसी भय या पक्षपात के आयकर कानून लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया कि कानून प्रभावी होने के 27 महीने बाद भी आयकर कानून की धारा 9 लागू नहीं करना शासन की मनमानी कार्रवाई जैसा है और इससे संविधान के अनुच्छेद 14 का हनन होता है। याचिका के अनुसार इंडिया-नीदरलैंड बीपा (द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौता) के तहत पंचाट कार्यवाही की अनुमति देना कानून के शासन का उल्लंघन होगा।

याचिका में कहा गया है कि आयकर कानून समझौते को मान्यता नहीं देता है क्योंकि विवाद के समाधान की प्रक्रिया और कर विवाद बीपा के दायरे में नहीं आता है। सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस आरसी लाहोटी को कर विवाद मामले में पंचाट नियुक्त किया है। सरकार ने बीपा के तहत विवाद सुलझाने के लिये वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बी.वी. द्वारा भेजे गये नोटिस के जवाब में यह निर्णय लिया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें