केंद्र सरकार ने पंजाब समेत सात राज्यों को लेवी चीनी का बचा कोटा जारी कर दिया है। इससे इन राज्यों में अगले दो-तीन महीने तक राशन की चीनी की किल्लत दूर हो जाएगी।
चीनी मिलों पर लेवी कोटे की पाबंदी हटने के बाद राज्य सरकारों को पीडीएस के लिए खुले बाजार से चीनी खरीदनी है, लेकिन राज्यों ने खरीद प्रक्रिया काफी देर से शुरू है। कई राज्यों ने अभी तक चीनी खरीदने के लिए टेंडर नहीं निकाले हैं।
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुदुचेरी और गोवा को उनका बचा लेवी कोटा जारी कर दिया गया है।
हर साल राज्यों को लेवी कोटे के तहत करीब 26-27 लाख टन चीनी का आवंटन होता है। लेकिन इस साल लेवी कोटे की व्यवस्था समाप्त होने से पिछले साल के कोटे की बची चीनी से काम चलाना पड़ रहा है।
गत अक्टूबर से मई तक राज्यों को करीब 17 लाख टन चीनी का आवंटन हो चुका है। बाकी चीनी राज्यों को सीधे बाजार से खरीदनी पड़ेगी।
चीनी उद्योग को आंशिक तौर पर नियंत्रण मुक्त करने के फैसले तहत लेवी कोटे की पाबंदी हटाने का फैसला सितंबर, 2012 से लागू हुआ है। लेकिन इस फैसले को हुए कई महीने गुजरने के बाद भी राज्यों ने खुले बाजार से चीनी खरीद में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। मई के आखिर में जाकर कुछ राज्यों ने सीधे बाजार से चीनी खरीदने की प्रक्रिया शुरू की।
8 राज्यों ने शुरू की चीनी खरीद
मंत्रालय का दावा है कि उत्तर-पूर्व के राज्यों को छोड़कर अधिकांश बाजार से चीनी खरीदने को तैयार हैं। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हिमाचल समेत कुल 8 राज्यों ने चीनी खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है जबकि उत्तर प्रदेश भी जल्द चीनी खरीदना शुरू करेगा।
सी. विश्वनाथ एफसीआई के नए सीएमडी
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में सी विश्वनाथ ने नए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) के रूप में पदभार संभाला है। आंध्र प्रदेश काडर के विश्वनाथ 1981 बैच के आईएएस अफसर हैं जो फिलहाल सात साल के लिए केंद्र में डैप्यूटेशन पर हैं। इससे पहले वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर थे।