पढ़ाई के बाद नौकरी की चाहत अब बीते दिनों की बात हो गई है। ज्यादातर छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद उद्यमी बनने का सपन देखते हैं।
न सिर्फ छोटे शहरों बल्कि महानगरों के लगभग 72 फीसदी छात्र पढ़ाई के बाद कारोबार में हाथ आजमाना चाहते हैं। खास बात यह है कि उद्यमी बनने का सपना देखने वाले छात्रों में 53 फीसदी हिस्सेदारी लड़कियों की है।
लड़कियों का सपना है कि वे पढ़ाई के बाद अगले पांच वर्षो में स्वावलंबी बनने के लिए नौकरी का रास्ता चुनने के बजाय उद्यमी बनना पसंद करती हैं।
इंडियन स्कूल फॉर एन्ट्रप्रेन्योरशिप एंड इंटरप्राइज डेवलपमेंट (आईसीड) ने सर्वे में यह खुलासा किया है।
सर्वे के मुताबिक ज्यादातर छात्र पढ़ाई के बाद उद्यमी बनना चाहते हैं। हालांकि इसमें 30 फीसदी ऐसे छात्र भी हैं जिन्हें उद्योग से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। 28 फीसदी ऐसे हैं जिनके पास आर्थिक संसाधन उपलब्ध नहीं है और 22 फीसदी ऐसे हैं जो उद्योग में सफल होने को लेकर आशंकित हैं। इसके बावजूद उनका सपना उद्यमी बनने का है।
आईसीड ने आईसीस 2013 सर्वे को 50 शहरों में किया है। इस सर्वे में 1117 से अधिक छात्रों को शामिल किया गया है। सर्वे में ऐसे भी छात्र हैं जो सरकारी के बजाय बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी करने की इच्छा रखते हैं। इनका मानना है कि नौकरी करना अधिक सुरक्षित है।