मिलावटी पेट्रोल की बिक्री पकड़े जाने पर अब डीलरों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सख्ती शुरू कर दी है। पेट्रोल, डीजल और केरोसिन बिक्री से संबंधित किसी भी गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई की घोषणा करते हुए मंत्रालय ने तेल कंपनियों और डीलरों के लिए नया दिशानिर्देश जारी कर दिया है।
मंत्रालय ने कहा है कि किसी पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल, डीजल की पुष्टि होती है तो डीलर को टैंक में मौजूद उत्पाद की कीमत के बराबर जुर्माना देने के साथ उस पेट्रोलियम उत्पाद के परिवहन लागत और तमाम करों का भुगतान भी करना होगा। एक डीलर किसी अन्य डीलर को पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद-बिक्री नहीं कर सकता है। अनियमितता पकड़े जाने पर एक माह तक पेट्रोल पंप पर आपूर्ति और बिक्री बंद करने के साथ डीलरशिप को भी खत्म किया जा सकता है।
इसके अलावा अलग-अलग मामले में 10 हजार से 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी है। केरोसिन बिक्री के समय तेल कंपनियों को यह ध्यान रखना होगा कि इसका इस्तेमाल केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए किया जाए। जबकि सरकार की ओर से तय केरोसिन कीमत से ज्यादा वसूलने पर डीलरों को जुर्माना देना होगा। केरोसिन डीलर की गंभीर अनियमितताओं पर उनका मासिक केरोसिन आवंटन कम करने का विकल्प भी रखा गया है।