अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका से ग्लोबल स्तर पर बाजारों में मचे हड़कंप के बीच घरेलू शेयर बाजार तगड़ी गिरावट का शिकार हुए। भारी बिकवाली के दबाव में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स दो माह की सबसे बड़ी गिरावट के साथ 604.17 अंक लुढ़क कर 28,844.78 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) 181 अंक नीचे 8,756.75 अंक पर बंद हुआ।
अमेरिका के श्रम विभाग के मुताबिक वहां बेरोजगारी की दर मई 2008 के बाद सबसे के निचले स्तर 5.5 फीसदी पर आने के आंकड़े के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की आशंका से दुनिया भर के बाजारों में उठा-पटक देखने को मिली। घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों में भी नजारा ऐसा ही रहा। बीएसई में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और सेंसेक्स 29,316.54 अंक पर खुलने के बाद 29,321.06 अंक के ऊपरी और 28,799.76 अंक के निचले दायरे में कारोबार करने के बाद 28,844.76 अंक पर बंद हुआ।
बीएसई में सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग, पावर, कैपिटल गुड्स, रीयल्टी, मेटल, आईटी, तेल-गैस, ऑटो और एफएमसीजी वर्ग के शेयरों में देखने को मिली। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा घाटा उठाने वाले शेयरों में हिंडाल्को, भेल, गेल इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, टाटा पावर, एलएंडटी और इनफोसिस शामिल रहे। मुनाफे में केवल हिन्द यूनिलीवर, डा. रेड्डीज, सन फार्मा और मारुति शामिल रहे।