रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती (रेट कट) से बाजार में छाई उमंग के बाद ऑटो, बैंकिंग व रीयल्टी जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील (रेट सेंसटिव) सेक्टरों में मुनाफावसूली किए जाने से घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद करीब 100 अंक की बढ़त हासिल करने वाला बीएसई का सेंसेक्स बिकवाली के दबाव में आकर आखिरकार 112.45 अंक लुढ़क कर 20 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाते हुए 19,990.90 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 24.90 अंक फिसल कर 6,049.90 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटी और मझोली कंपनियों पर बिकवाली का दबाव अधिक रहा। बीएसई का मिडकैप 39.91 अंक गिरकर 6,935.93 अंक पर और स्मॉलकैप 65.11 अंक उतरकर 7,069.94 अंक पर रहा।
बीएसई में कुल 2,976 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 786 बढ़त में और 960 गिरावट में रहे, जबकि 1,230 शेयर उतार-चढ़ाव के बीच पिछले स्तर पर टिके रहे। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से गिरावट में रहने वालों में हिंडाल्को 2.70 फीसदी, बजाज ऑटो 2.62, एचडीएफसी बैंक 2.61, एयरटेल 2.43, भेल 2.12, गेल 1.98, रिलायंस 1.68, टाटा स्टील 1.68, टाटा मोटर्स 1.59, विप्रो 1.43, स्टेट बैंक 1.32, सनफार्मा 1.28, महिंद्रा 1.03 और मारुति 0.91 प्रतिशत शामिल रहे।
बढ़त वाले शेयरों में आईटीसी 1.73 फीसदी, कोल इंडिया 1.62, आईसीआईसीआई बैंक 0.87, हीरो मोटोकार्प 0.76, एचडीएफसी 0.52, जिंदल स्टील 0.43 और टाटा पावर 0.24 प्रतिशत शामिल रहे। बीएसई के समूहों में एफएमसीजी 0.70 फीसदी की बढ़त में रहा, जबकि शेष सभी समूह गिरावट में रहे, जिनमें रीयल्टी 2.07 फीसदी, तेल एवं गैस 1.35 प्रतिशत, ऑटो 1.12, टेक 0.85, पीएसयू 0.69, पावर 0.60, सीडी 0.51, धातु 0.49, सीजी 0.42, हेल्थकेयर 0.33 फीसदी के साथ शामिल रहे।