वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के बावजूद भारत की विकास की गति अन्य देशों की अपेक्षा तेज हो लेकिन यहां व्यापार करना अब भी बेहद कठिन है। नियामक प्रक्रियाओं में सुधार और सीमापार व्यापार को बढ़ावा देने के बाद भी नई कंपनियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) की हाल की रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट में 185 अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान 132वां है। भारत की स्थिति में 2013 के लिए भी कोई बदलाव नहीं आया है। 2012 में भी यही स्थिति थी। लिस्ट के अनुसार, सिंगापुर में कारोबार करना सबसे सरल है, जबकि दूसरे स्थान पर हांगकांग है।
इस लिस्ट में न्यूजीलैंड तीसरे, अमेरिका चौथे और डेनमार्क पांचवें नंबर पर है। नार्वे छठे, ब्रिटेन सातवें, कोरिया आठवें, जॉर्जिया नौंवें और ऑस्ट्रेलिया दसवें नंबर पर है। वहीं ब्रिक्स देशों में चीन 91वें, रूस 113वें और ब्राजील 130वें भी भारत से आगे हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान 107वें और नेपाल 108वें ने भी इस मामले में हमें पीछे छोड़ दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है विकासशील देशों में छोटी और मझोली कंपनियों के लिए पिछले 10 साल की तुलना में कारोबार करना आसान हुआ है। भारत ने नियामक प्रक्रियाओं की समस्याओं के समाधान, टैक्स भुगतान के तरीकों में बदलाव और सीमापार व्यापार बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है।
लिस्ट को तैयार करते समय कारोबार शुरू करने के अलावा निर्माण परमिट हासिल करना, बिजली लेना, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, लोन मिलना, निवेशकों की सुरक्षा, टैक्स भुगतान और ठेके जैसे मामलों को आधार बनाया गया।