अपनी खनिज संपदा, आदिवासी संस्कृति और पांडवानी सरीखी लोक कला के लिए जाना जाने वाला छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में कॉरपोरेट गतिविधियों का भी गढ़ बन सकता है। राज्य में उद्योग व कारोबार को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने नई नीति को मंजूरी दे दी है।
इसके तहत राज्य में खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे उद्योगों को राज्य में खास तरजीह दी जाएगी। बॉलीवुड स्टार अजय देवगन द्वारा छत्तीस गढ़ में सोलर प्लांट लगाने की रुचि जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को भी उद्योग नीति में प्रमुखता के साथ शामिल किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लंबे विचार-विमर्श के बाद नई नीति को मंजूरी दी गई। देश-विदेश के औद्योगिक समूहों को राज्य में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित करने के लिए 2 व 3 नवंबर को होने वाले ग्लोबल निवेशक सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है।
डॉ. सिंह ने बैठक के बाद उम्मीद जताई कि आकर्षक औद्योगिक नीति के जरिये वह निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित करने में वह सफल होंगे। उन्होंने कहा कि नई नीति को संबधित क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
नई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश की न्यूनतम राशि एक करोड़ रुपये तय की गई है। यह निवेश दो वर्षों में करना होगा। उद्योग को वैट कर से छूट प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही स्थायी निवेश की राशि पर 150 प्रतिशत की छूट दस वर्ष दी जाएगी। इसके साथ ही प्रवेश कर, मंडी शुल्क एवं विद्युत शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी।
इसी तरह ऑटो उद्योग में न्यूनतम निवेश की राशि एक हजार करोड़ रुपये रखी गई है, जबकि इसे सहायक उद्योगों में निवेश की कोई राशि तय नहीं की गई है। निवेशक को स्टाम्प शुल्क, रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी जाएगी। वैट एवं अन्य करों में निवेश की अधिकतम 115 प्रतिशत छूट दी जाएगी। यह छूट एमओयू निष्पादन के सात वर्ष तक दी जाएगी।
रोजगार की प्रचुर संभावनाओं को देखते हुए आईटी उद्योगों को राज्य सरकार उन उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देगी। इसके तहत कंपनियों को कम से कम 50 प्रतिशत रोजगार छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को देना होगा। बदले में उन्हें सरकार की ओर से कई तरह की सहूलियतें और भारी कर छूट मिलेगी। आईटी परियोजनाओं को मंजूरी के लिए सरकार खासतौर पर सिंगल विडो क्लीयरेंस प्रणाली खड़ी करेगी।
निवेशकों को ‘पहले आएं, पहले पाएं’ की तर्ज पर उन्हें विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। आईटी सेक्टर के लिए 20 हेक्टेयर भूमि पर विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई में नए साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क विकसित किए जाएंगे।
यह भी निर्णय लिया गया कि 10 करोड़ से 20 करोड़ की परियोजना लागत वाले उद्यमियों को आवश्यकतानुसार अधिकतम 10 एकड़, 20 करोड़ से 50 करोड़ की परियोजना लागत वाले उद्यमियों को अधिकतम 15 एकड़ और 50 करोड़ से 100 करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं के लिए अधिकतम 25 एकड़ भूमि लागत के मात्र 25 प्रतिशत प्रीमियम पर दी जाएगी। यह छूट सरकारी भूमि और सरकारी एजेंसी की भूमि पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की अनुशंसा के आधार पर ही लागू होगी।
इसके अलावा 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने पर विचार किया जाएगा और पांच सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों को भूमि की दर में अतिरिक्त रियायत दी जाएगी। नई उद्योग नीति के तहत राज्य में लगने वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों से राज्य बिजली कंपनी निविदा के आधार पर बिजली खरीदेगी। इसके अलावा उत्पादकों को राज्य में या इसके बाहर भी बिजली बेचने की छूट होगी। ग्रिड, ऑफ ग्रिड एवं छोटे पावर प्लाटों सभी को प्रोत्साहन दिया जाएगा।