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ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार दिलाएगी सौर ऊर्जा परियोजना

Thu, 22 Jan 2015 09:44 AM IST
नई दिल्ली/सुजय मेहदूदिया
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अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के वायदे के साथ सत्ता में आई नरेंद्र मोदी सरकार जनता को स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वह इस दिशा में भरपूर प्रयास कर रही है।
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सरकार सौर ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार करके इन दोनों उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है। सरकार इसके जरिए जहां बिजली का उत्पादन बढ़ा कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देना चाहती है, वहीं इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की भी योजना है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने सरकार के दोनों उद्देश्यों को पूरा करने वाली ऐसी ही एक योजना का खाका तैयार किया है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर 20,000 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करते हुए ग्रामीण युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की योजना है।
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यह योजना वर्ष 2021-22 तक देश में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाकर एक लाख मेगावाट तक पहुंचाने के मोदी सरकार के लक्ष्य को हासिल करने में भी मददगार साबित होगी। मंत्रालय ने व्यय संबंधी वित्तीय समिति (ईएफसी) को इस योजना का ड्राफ्ट सौंप दिया है। अब समिति को इस पर अपनी टिप्पणी और योजना लागू करने को लेकर अपने विचार प्रस्तुत करने हैं।

प्रस्तावित योजना के तहत एमएनआरई राज्य सरकारों से इस योजना में सहभागिता के लिए प्रस्ताव मांगेगा। योजना में भागीदारी के इच्छुक राज्यों को अपने यहां विभिन्न वोल्टेज स्तर वाले उन विद्युत उप केंद्रों (सब-स्टेशन) को चिह्नित करना होगा, जहां सोलर प्लांट के जरिए उत्पादित इस अतिरिक्त बिजली को आपूर्ति के लिए भेजा जा सके।

योजना के लिए राज्यों से प्राप्त हुए आवेदन के आधार पर एमएनआरई उन्हें इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राशि आवंटित करेगा। इसके बाद राज्य सरकारें इस योजना के तहत सौर ऊर्जा के उत्पादन के लिए उत्पादकों और डेवलपरों के चयन की प्रक्रिया को अपने स्तर पर आगे बढ़ाएंगी।

योजना के क्रियान्वयन में ग्रामीण बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा योजना के तहत आवंटन बचने पर राज्य सरकारें पंचायतों और नगर निकायों को भी सौर ऊर्जा उत्पादन की इस योजना में शामिल कर सकती हैं।
 
योजना के तहत सोलर पीवी पावर प्लांट लगाने के लिए बीटेक, एमबीए या एमकॉम डिग्री वाले बेरोजगार युवाओं को ही जिम्मा दिया जाए। इन बेरोजगार युवाओं को इस बात की छूट रहेगी कि सोलर प्लांट को वह खुद से लगाएं या किसी कंपनी अथवा सोसाइटी के साथ साझेदारी में प्लांट स्थापित करें।

योजना के लिए युवाओं का चयन उनकी शैक्षिक योग्यता और तकनीकी दक्षता के आधार पर किया जाएगा। चुने गए उम्मीदवारों को सरकार की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (एनआईएसई) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे स्तर की चयन प्रक्रिया भी चलाई जाएगी।

इसमें उन उम्मीदवारों का चुनाव परियोजना से जुड़ी उनकी तैयारियों जैसेकि सोलर प्लांट के लिए जमीन का इंतजाम करना और वित्तीय प्रबंध आदि को देखते हुए किया जाएगा। इसके अलावा एमएनआरई ने ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को भी योजना के तहत सोलर पावर प्लांट लगाने के उपयुक्त बताया है।
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