फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टुकडों में जानकारी

Thu, 21 Feb 2013 05:03 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
1. इंदिरा गांधी एकमात्र महिला रहीं जिनके पास वित्त मंत्रालय (1970, 1971) का भी प्रभार था।
विज्ञापन


2. आर वेंकटरमन और प्रणब मुखर्जी ऐसे वित्त मंत्री रहे, जो बाद में देश के राष्ट्रपति बने।

3. बजट पेपर की छपाई के लिए वित्त मंत्रालय का अपना प्रेस है। यह प्रेस मंत्रालय के बेसमेंट में है और करीब 30 कर्मचारी यहां काम करते हैं।

4. बतौर वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने 10 बार आम बजट पेश किया। यह किसी भी वित्त मंत्री द्वारा सर्वाधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड है।

5. पूर्व प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री मोरारजी देसाई के नाम अपने जन्मदिन (29 फरवरी) पर बजट पेश करने का अनोखा रिकॉर्ड है। उन्होंने 29 फरवरी 1964 और 1968 को बजट पेश किया।

6. जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद राजीव गांधी तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने संसद में बजट पेश किया।

7. बजट निर्माण की प्रक्रिया बेहद गोपनीय होती है। बजट पेश होने से दो दिन पहले वित्त मंत्रालय को पूरी तरह सील कर 'अघोषित कैदखाना' के रूप में तब्दील कर दिया जाता है।
विज्ञापन


8. कई वित्त मंत्री बाद में देश के प्रधानमंत्री बने। इनमें मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह और मनमोहन सिंह शामिल हैं।

9. बजट पहले शाम पांच बजे पेश किया जाता था, जो सर बेसिल ब्लैकेट ने 1924 में तय किया था। उनके मुताबिक शाम में बजट पेश करने से उन अधिकारियों को आराम मिलेगा, जो कई दिनों तक बजट प्रक्रिया से जुड़े रहे।

10. शाम पांच बजे बजट पेश करने की परंपरा 2000 तक चलती रही। 2001 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे तोड़ते हुए बजट सुबह 11 बजे पेश किया। तभी से बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाता है।
विज्ञापन


11. 1920 से पहले एक ही बजट बनता था। 1921 में सामान्य बजट से रेल बजट को अलग कर दिया गया। तभी से संघीय स्तर पर दो बजट 'आम बजट' और 'रेल बजट' पेश किए जाते हैं।

12. देश के पहले बजट की वित्तीय अवधि महज साढ़े सात महीने (15 अगस्त 1947 से मार्च 1948) की थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें