राशन वितरण प्रणाली में कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए राशन कार्ड की जगह स्मार्ट कार्ड बनाया जा रहा है। स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं को फार्म वितरित करने का कार्य शुरू कर दिया है। जिला पलवल में अब तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में करीब ढाई लाख राशन कार्ड उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी एंट्री राशन कार्डों में की जाती है।
इससे जिले में डिपो धारकों द्वारा धांधली किए जाने के दर्जनों मामलों की शिकायतें उन्हें मिलती रहती है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड की बजाए स्मार्ट कार्ड के माध्यम से राशन देने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। यह जानकारी देते हुए जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अधिकारी प्रेम शर्मा ने बताया कि यह योजना पलवल जिले के अलावा प्रदेश के 17 अन्य जिलों में भी चालू की हुई है। उन्होंने बताया कि पलवल जिले में अब तक करीब तीन लाख फार्म बांटे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में भी स्मार्ट कार्ड के प्रति रुझान है।
ये है खासियत
प्रत्येक राशन डिपोधारक के अलावा एएफएसओ के कार्यालय में स्मार्ट कार्ड के लिए मशीनें लगाई जाएंगी। एटीएम कार्ड की तरह स्मार्ट कार्ड होंगे। उपभोक्ता परिवार के मुखिया समेत तीन सदस्यों के अंगूठे के निशान लिए जाएंगे। इन्हें बायोमीट्रिक मशीन में लगे कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। उंगलियों के निशान मिलान होने पर ही राशन मिल पाएगा अन्यथा नहीं। जिससे धांधली होने की संभावना नहीं रहेगी।