उत्तर प्रदेश के लघु, मध्यम एवं भारी उद्योगों को अक्तूबर से बढ़ी दरों पर बिजली के बिल का भुगतान नहीं करना होगा। इन श्रेणियों के लिए नई बिजली दरें एक नवंबर से प्रभावी मानी जाएंगी।
विभिन्न औद्योगिक संगठनों की ओर से नई बिजली दरों को लेकर दायर अपील पर सुनवाई के बाद अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी ने सोमवार को यह आदेश देते हुए राज्य विद्युत नियामक आयोग से 12 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। 14 को याचिकाकर्ताओं को लिखित जवाब दाखिल करना होगा। इस मामले पर अंतिम सुनवाई 19 दिसंबर को होगी।
अमौसी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज गोरखपुर, राइना ऑफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ स्टील रोलिंग मिल्स एंड फर्नेसेज की ओर से राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा 19 अक्तूबर को घोषित की गईं नई बिजली दरों को पिछली तिथि एक अक्तूबर से लागू करने को लेकर अपीलेट ट्रिब्यूनल फार इलेक्ट्रिसिटी के समक्ष चुनौती दी गई थी।
सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के रेगुलेशन 139 के तहत नई बिजली दरों को एक नवंबर से प्रभावी मानने काआदेश देते हुए 19 दिसंबर को अंतिम निर्णय की तिथि तय की।
मंगलवार को पावर कारपोरेशन के वकील ने ट्रिब्यूनल के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि 26 नवंबर को जारी आदेश सभी श्रेणियों पर प्रभावी हो रहा है। कानूनन जिन श्रेणी के उपभोक्ताओं ने अपील दायर की है उन्हीं के लिए आदेश होना चाहिए। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया कि सोमवार को जारी आदेश केवल लघु एवं मध्यम उद्योग (एलएमवी-6) तथा बड़े एवं भारी उद्योग (एचवी-2) श्रेणी पर ही प्रभावी होगा।
इन श्रेणियों के उपभोक्ता अगर बढ़ी हुई दरों केआधार पर अक्तूबर का भुगतान कर चुके हैं तो इसका समायोजन ट्रिब्यूनल के अंतिम निर्णय केबाद होगा।