मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई पर राज्यसभा में हुई वोटिंग में सरकार के जीतने के बावजूद घरेलू शेयर बाजार गिरावट का शिकार हुए। बाजार में नरमी की वजह पिछले तीन सत्रों में करीब 180 अंक की बढ़त हासिल करने के बाद हुई मुनाफावसूली रही।
इसके अलावा कारोबारी अनिश्चितता से जूझ रहे आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि कारों की कीमतों में बढ़ोतरी से ऑटो सेक्टर में बढ़त देखी गई और मारुति के शेयर सालभर के उच्चतम स्तर पर रहे।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में बीएसई का सेंसेक्स 62.70 अंक लुढ़क कर 19,424.10 अंक पर रहा, जबकि एनएसई का निफ्टी 23.5 अंक फिसल कर 5,907.40 अंक पर बंद हुआ।
संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में एफडीआई पर सरकार की जीत के बाद देश के खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का रास्ता साफ हो गया।
हालांकि इसके बावजूद निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली किए जाने से बाजार ने गिरावट का रुख किया। मजबूती पर खुला सेंसेक्स 19,561.87 अंक के ऊपरी और 19,363.12 अंक के निचले दायरे में कारोबार करते हुए अंत में 62.70 अंक लुढ़क कर 19,424.10 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी ने स्थिर शुरुआत की और 5,949.85 अंक के ऊपरी व 5,888.65 के निचले दायरे में घूमते हुए 23.5 अंक फिसल कर 5,907.40 अंक पर सिमटा।
बीएसई में कुल 3,052 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इसमें 1,436 मुनाफे में और 1,486 नुकसान में रहीं बाकी 130 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में मजबूती पर टिकने वाले शेयरों में मारुति 1.94 फीसदी, टाटा पावर 0.87, भेल 0.77, महिंद्रा 0.74, हिंडाल्को 0.69, जिंदल स्टील 0.63, टाटामोटर्स 0.57, एसबीआई 0.17, एसबीआई 0.16, कोल इंडिया 0.06 और आईटीसी 0.05 प्रतिशत लाभ के साथ शामिल रही।
नुकसान झेलने वाले शेयरों में स्टरलाइट 2.25 फीसदी, टाटा स्टील 1.19, टीसीएस 1.13, आरआईएल 0.89, सनफार्मा 0.85, बजाज ऑटो 0.82, इनफोसिस 0.80, एचडीएफसी 0.76, भारती एयरटेल 0.71, एनटीपीसी 0.71, हिन्दुस्तान यूनि 0.65, रेड्डीज लैब 0.56, सिप्ला 0.38, आईसीआईसीआई बैंक 0.37, गेल इंडिया 0.33, एचडीएफसी बैंक 0.22, ओएनजीसी 0.17, एलएंडटी 0.05 और विप्रो 0.05 फीसदी गिरावट के साथ शामिल रहीं।