वित्तीय सूचनाएं और कंटेंट प्रदान करने वाली कंपनी ब्लूफिन के अध्ययन के मुताबिक बीते माह के दौरान देश में उपभोक्ताओं के भरोसे में सुधार आया है। अक्तूबर में उपभोक्ताओं के भरोसे का स्तर दर्शाने वाला कंज्यूमर कांफिडेंस इंडेक्स ऑफ इंडिया 38.2 फीसदी के स्तर पर दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक कंज्यूमर कांफिडेंस इंडेक्स में दो महीने की लगातार गिरावट के बाद अक्तूबर में डेढ़ फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि बीते माह में उपभोक्ताओं के मौजूदा रुझान को प्रदर्शित करने वाले प्रजेंट सिचुएशन इंडेक्स के साथ-साथ और भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाला फ्यूचर कांफिडेंस इंडेक्स में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रजेंट सिचुएशन इंडेक्स 1.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 45.9 फीसदी के स्तर पर रहा, जबकि फ्यूचर कांफिडेंस इंडेक्स में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 35 फीसदी पर रहा। इस सूचकांक में बढ़ोतरी का मतलब यह है कि भविष्य के खर्चों को लेकर उपभोक्ताओं का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ स्थायी उपभोक्ता उत्पाद (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) और वाहन जैसी चीजों की खरीद के प्रति उनके इस दृष्टिकोण से आने वाले महीनों में इस वर्ग के उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी हो सकती है।
बीते दिनों डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं के इस रुख को बाजार के लिए काफी सकारात्मक माना जा रहा है। ब्लूफिन के सीईओ राशिद बिलिमोरिया का कहना है कि उपभोक्ताओं के रुख से लगता है कि त्योहारी सीजन में खरीदारी में वह अपना हाथ तंग नहीं रखने वाले हैं। हालांकि त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी खरीदारी और खर्चों के प्रति उपभोक्ताओं का यह रुख आगे भी बना रहेगा या नहीं, इस बारे में अभी पक्के तौर पर कुछ कह पाना मुश्किल है।