देश के शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को जबर्दस्त बढ़त देखने को मिली। बढ़त का आलम यह था कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बांबे शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 207.89 अंक उछल कर 19,570.44 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 57.75 अंक चढ़कर 5,908.95 पर बंद हुए।
ब्लू चिप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप शेयरों में भी अच्छी खासी तेजी रही। हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में सुस्ती रही और इनमें गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुले लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा खरीदारी बढ़ती गई और बाजार चढ़ता गया।
बाद में तीन बड़े प्राइवेट बैंकों पर मनी लॉन्डरिंग के आरोप लगने के बाद बाजार में सुस्ती आई और सेंसेक्स में जबर्दस्त गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 200 अंक टूटा और निफ्टी 5,800 के नीचे फिसला। बाद में सेंसेक्स में धीरे-धीरे बढ़ोतरी आने लगी।
कर्ज सस्ता होने की उम्मीद से बैंक और रीयल्टी शेयर 2 फीसदी से ज्यादा उछले। कैपिटल गुड्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में 1.25 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। मेटल, पीएसयू, आईटी, तकनीकी, एफएमसीजी और ऑटो शेयर 0.8-0.4 फीसदी मजबूत हुए। हेल्थकेयर शेयरों में हल्की बढ़त दिखी। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर 1.5 फीसदी टूटे।
कारोबार के दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव नजर आया। एशियाई बाजारों से साफ संकेत न मिलने की वजह से घरेलू बाजार सुस्ती के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी बढ़ती दिखी।
फरवरी में महंगाई बढ़ने से बाजार पर थोड़ा दबाव दिखा। लेकिन, फरवरी में प्रमुख महंगाई दर में हल्की गिरावट आने से उम्मीद बढ़ी है कि आरबीआई दरों में कटौती करेगा। इसकी वजह से बाजार जोश लौटा।