वित्त मंत्री पी चिदंबरम से सौगात मिलने की उम्मीद कर रहा बाजार गुरूवार को मायूस हुआ। आम बजट के दिन बीएसई का सेंसेक्स 112.39 अंक की तगड़ी मजबूती के साथ 19,264.80 अंक पर खुला और कुछ ही देर में यह बढ़त 170 अंक पर पहुंच गई। एनएसई का निफ्टी भी 37.45 अंकों की बढ़त के साथ 5,834.35 पर खुला।
शुरुआती बढ़त के बावजूद वित्त मंत्री पी चिदंबरम का बजट भाषण शुरू होने के साथ बाजार धीरे-धीरे मजबूती गंवाते चले गए। हालांकि आरजीईएसएस का दायरा बढ़ाने और एसटीटी में कमी जैसी घोषणाओं के बाद बीच-बीच में बाजार ने बढ़त का रुख भी किया, पर बाजार को कुल मिलाकर बजट में कुछ खास न मिलने के चलते आखिरकार बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 290.87 अंक की गिरावट के साथ 18,861.54 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी 79.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.20 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी की इस बड़ी गिरावट ने स्पष्ट कर दिया कि बाजार को चिदंबरम का चुनाव पूर्व बजट रास नहीं आया। ‘सुपर रिच’ पर दस फीसदी अतिरिक्त कर की घोषणा ने बाजार का मिजाज बिगाड़ने में खास भूमिका निभाई। बीएसई का मिडकैप 158.95 अंक नीचे 6,302.78 अंक पर और स्मॉलकैप 124.83 अंक घटकर 6,206.22 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल 30 में से केवल 5 कंपनियों के शेयर बढ़त में बढ़त दर्ज की गई। इनमें टीसीएस में 2.14 फीसदी, भारती एयरटेल में 0.62, टाटा मोटर्स में 0.49, सनफार्मा में 0.40 और बजाज ऑटो में 0.35 फीसदी मुनाफे में रहीं। दूसरी ओर गिरावट वाले शेयरों में एसबीआई को सर्वाधिक 5.80 फीसदी का नुकसान हुआ। इसके अलावा टाटा स्टील में 4.04 व आईसीआईसीआई बैंक में 3.86 फीसदी की गिरावट रही। बैकिंग, कैपिटल गुड्स, मेटल, पीएसयू, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स वर्ग के शेयरों में बिकवाली का जबरदस्त दबाव देखा गया।