बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में शानदार उछाल आया और सूचकांक करीब 28 माह के टॉप पर पहुंच गए। बीएसई का सेंसेक्स 490.67 अंक बढ़कर 20,212.96 पर और निफ्टी 151.35 अंक बढ़कर 6,146.75 पर बंद हुआ। जून 2012 के बाद सेंसेक्स में यह सर्वाधिक एकदिनी बढ़त है।
एमसीएक्स एसएक्स40 245.60 अंकों की छलांग से 11,925.14 पर बंद हुआ। कारोबार के अंतिम चरण में सेंसेक्स ने 500 अंकों तक की छलांग लगाई थी। आकलन है कि बुधवार की बढ़त से निवेशकों की बाजार पूंजी में करीब एक लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने नीतिगत दरों में कटौती के मद्देनजर कहा है कि मुद्रास्फीति के नरम पड़ने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में मुद्रास्फीति की दर का गिरना प्रसन्नता की बात है और इसका ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति का नरम पड़ना बैंकों के लिए बेहतर है और अगली समीक्षा के दौरान यह एक महत्वपूर्ण तत्व होगा। बीते सोमवार को जब सेंसेक्स में 400 से भी अधिक अंकों की औचक गिरावट आई तब किसी को अंदाजा नहीं था कि बाजार न सिर्फ इतनी तेजी से रिकवर कर जाएगा, बल्कि पिछले स्तर के भी पार निकल जाएगा। दो दिनों में ही सेंसेक्स पटरी पर आ गया और निफ्टी में भी शानदार बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी में कारोबार पिछले 28 महीने में सबसे टॉप पर रहा। बीते 41 महीने में सबसे निचले स्तर पर महंगाई दर आने की वजह से ब्याज दरों में कटौती की रिजर्व बैंक से उम्मीद बढ़ी है। बैंकों के शेयरों में भारी उछाल आया।
निफ्टी में पंजाब नेशनल बैंक 7 फीसदी के साथ टॉप रनर रहा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में भी 3.5 पर्सेंट की उछाल दर्ज की गई। प्राइवेट बैंकों में कोटक महिंद्रा, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी की स्थिति भी बेहद मजबूत रही।
बाजार की रैली में मिडकैप शेयरों में तेजी आई। निफ्टी मिडकैप करीब 2.5 फीसदी चढ़ा। छोटे शेयरों की ओर निवेशकों का रुझान थोड़ा कम दिखा। बीएसई स्मॉलकैप 1 फीसदी मजबूत हुआ। बैंक निफ्टी 30 महीनों के ऊपरी स्तर पर पहुंचा। नवंबर 2010 के बाद बैंक निफ्टी पहली बार 13,000 के पार पहुंचा। प्रतिशत के लिहाज से सितंबर 2012 के बाद बैंक निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दिखी।
ग्लोबल बाजारों में आई जोरदार तेजी और महंगाई दर घटने के बाद आरबीआई द्वारा दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद बढ़ने को बाजार की तेजी का कारण बताया गया है। मंगलवार को अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड स्तरों पर बंद हुए थे।
यूरोपीय बाजारों में डीएएक्स और सीएसी ने भी नई ऊंचाई को छुआ था। वहीं, निक्केई भी पहली बार 15,000 के ऊपर पहुंचा। अप्रैल में महंगाई दर 5 फीसदी के नीचे पहुंच गई है। उम्मीद की जा रही है 17 जून की क्रेडिट पॉलिसी में दरें घटेंगी।