रिजर्व बैंक की ओर से नकद आरक्षी अनुपात सीआरआर में कटौती के संकेत और विदेशी बाजार में तेजी के रुझानों से उत्साहित निवेशकों की चौतरफा लिवाली से घरेलू शेयर बाजार डेढ फीसदी से ज्यादा की मजबूती लेकर बंद हुए।
रीयल्टी, बैंकिंग और ऑटो वर्ग के शेयरों की अगुवाई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स एक महीने की सर्वाधिक एक दिनी तेजी के साथ 282.86 अंक उछला। यह 19 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए 19,229.84 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 86.90 अंक ऊपर 5,699.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ। एमसीएक्स-एसएक्स का एसएक्स-40 सूचकांक 149.20 अंक चढ़ कर 11,408.14 अंक पर बंद हुआ।
बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी लिवाली रही, जिससे बीएसई का मिडकैप 61.78 अंक ऊपर 5,554.03 अंक पर और स्मॉलकैप 53.44 अंक ऊपर 5,369.42 अंक के स्तर पर रहा।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रीयल्टी 4.46 फीसदी, बैंकिंग 2.92, ऑटो 2.32, पावर 2.04 और टेक वर्ग में 1.83 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स वर्ग में 0.20 और मेटल में 0.05 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कुल शेयरों 1,444 सेक्टरों में तेजी रही और 899 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि146 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
कारोबारियों के मुताबिक वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा बढ़ते चालू खाता घाटे को पाटने के लिए सोने और चांदी के आयात शुल्क में बढ़ोतरी की घोषणा ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।
सेंसेक्स शामिल 30 में से महज पांच कंपनियां नुकसान में रहीं और बाकी सभी ने मुनाफा कमाया। सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी ने सबसे ज्यादा 4.01 फीसदी मुनाफा कमाया, जबकि हिंडाल्को 2.45 फीसदी गिरावट के साथ सबसे ज्यादा घाटे में रही।
इसके अलावा सेंसेक्स में लाभ पर रहने वालों में एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, एचडीएफसी,आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, रेड्डीज लैब, इनफोसिस, विप्रो, गेल इंडिया, सिप्ला, टाटा स्टील, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा पावर, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, सनफार्मा, महिंद्रा और टीसीएस 0.23 से लेकर 4.01 फीसदी तक के मुनाफे में रहे।
नुकसान उठाने वालों में कोल इंडिया, ओएएनजीसी, जिंदल स्टील और आईटीसी 0.46 से 2.45 फीसदी तक के घाटे में रहे।