कंज्यूमर ड्यूरेबल और दरों को लेकर संवेदनशील बैंकों, रीयल्टी और ऑटो के शेयरों में बिकवाली के दबाव से घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट रही।
बांबे शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 64.70 अंक गिरकर 19,545.78 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 19.85 अंक नीचे 5,919.45 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार की शुरुआत हालांकि मामूली गिरावट के साथ हुई थी। लिवाली का समर्थन मिलने से सत्र के बीच में सेंसेक्स ऊंचे में 19,742.70 अंक तक गया, किंतु लिवाली कमजोर पड़ जाने से समाप्ति पर फिर गिरावट का रुख रहा।
बाजार सूत्रों का कहना है कि रिजर्व बैंक की 17 जून को घोषित की जाने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में कमी को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना रहने से निवेशकों का मनोबल गिरा है।
बीएसई का मिडकैप 0.10 फीसदी की बढ़त से 6,412.43 पर बंद हुआ। स्मालकैप में 16.16 अंक ऊपर 5,952 पर रहा। सत्र में 2,496 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। जिसमें से 1,215 के शेयर नीचे जबकि 1,119 में लाभ और 162 में कोई घटबढ नहीं हुई।
मई में बिक्री गिरने से मारुति सुजुकी के शेयर में बिकवाली का दौर जारी रहा। इसके शेयर 20.80 रुपये टूटकर 1,548.80 रुपये पर आ गए। सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों में सबसे ज्यादा गिरावट टाटा मोटर्स के शेयर में 2.34 फीसदी रही।
एसबीआई, जिंदल स्टील, एचडीएफसी, स्टरलाइट, आरआईएल, भेल, एचडीएफसी बैंक, इनफोसिस, हिंडाल्को, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, कोल इंडिया, हिंदुस्तान यूनीलीवर और गेल इंडिया सेंसेक्स के नुकसान वाले शेयर रहे।
लाभ वाले शेयरों में डा. रेड्डीज लैब 1.88 फीसदी ऊंचा रहा। सिप्ला, विप्रो, एलएंडटी, एमएंडएम, एनटीपीसी, टाटा पावर, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, आईटीसी, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, सन फार्मा और हीरो मोटो कार्प भी लाभ पाने में सफल रहे।