रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव द्वार महंगाई को अब भी ऊंचे स्तर पर बताए जाने से ब्याज दरें घटने की आशा धूमिल पड़ने से घरेलू शेयर बाजार तगड़ी गिरावट का शिकार हुआ। ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले ऑटो, बैंकिंग और रीयल्टी सेक्टर में शेयरों की भारी बिकवाली के चलते बीएसई का सेंसेक्स 169.19 अंक लुढ़क कर 19,817.63 अंक पर बंद हुआ।
एनएसई का निफ्टी 54.75 अंक फिसल कर छह हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से ठीक ऊपर 6,001.85 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटी और मझोली कंपनियों में बिकवाली का अधिक दबाव दिखा। बीएसई का मिडकैप 1.35 प्रतिशत गिरकर 7,164.62 अंक पर और स्मॉलकैप 1.24 फीसदी फिसलकर 7,411.71 अंक पर रहा।
सेंसेक्स ने हालांकि शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त बनाते हुए एक बार फिर से 20 हजार के स्तर को पार किया। यह 20009.36 अंक के ऊपरी स्तर तक गया, लेकिन बिकवाली का दबाव बढ़ने पर आखिर में यह 169.19 अंक उतर कर 19,817.63 अंक पर बंद हुआ।
एनएसई का निफ्टी सात अंक उतर कर 6,049 अंक पर खुलने के बाद लिवाली के बल पर 6,055.95 अंक तक चढ़ा, लेकिन बिकवाली शुरू होने पर छह हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 5992.05 अंक तक लुढ़क गया। हालांकि अंत में कुछ सुधर कर पिछले सत्र के 6056.60 अंक की तुलना में 54.75 अंक की गिरावट के साथ 6001.85 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में सबसे ज्यादा 4.38 फीसदी की गिरावट हिंडाल्को में दर्ज की गई। इसके अलावा मारुति 3.43 फीसदी, टाटा मोटर्स 3.24, जिंदल स्टील 3.11, महिंद्रा 2.95, एसबीआई 2.25, टाटा स्टील 2.16, बजाज ऑटो 2 फीसदी गिरावट में रहे। बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस 1.72 फीसदी, डॉ. रेड्डीज 1.43, टीसीएस 1.03 फीसदी के मुनाफे में रहे।