रुपये के टूटने और व्यापार घाटे में भारी बढ़ोतरी के कारण अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ने से शेयर बाजार में भारी गिरावट रही।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 430.65 अंक गिरकर 19,691.67 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 126.80 अंक गिरकर 5,980.45 पर बंद हुआ। एमसीएक्स एसएक्स40 228.64 अंक गिरकर 11,662.34 पर बंद हुआ।
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचा और कारोबार के दौरान रुपये ने 55 का स्तर छुआ। येन में आई भारी कमजोरी की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा है। येन 4.5 साल के निचले स्तर पर है।
इसके अलावा, अप्रैल में व्यापार घाटा 27 फीसदी बढ़ा है। व्यापार घाटे के बढ़ने की वजह है सोने के आयात में आया 138 फीसदी का उछाल।
सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट से चालू खाते का घाटा कम होने की उम्मीद थी, लेकिन अप्रैल के आंकड़ों को देखकर करंट अकाउंट घाटे के मोर्चे पर राहत मिलने की संभावना कम होने से भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।
इन सारे प्रतिकूल कारणों के चलते शेयर बाजार में चौतरफा गिरावट रही। बड़े सूचकांकों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप की भी जमकर पिटाई हुई। निफ्टी मिडकैप 2.5 फीसदी लुढ़का। वहीं, बीएसई स्मॉलकैप में 1 फीसदी की गिरावट आई।
सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी शेयरों में आई और एफएमसीजी शेयर करीब 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़के। कैपिटल गुड्स, मेटल, ऑटो, तकनीकी, पीएसयू, ऑयल व गैस शेयर 2-2.5 फीसदी तक टूटे।
रुपये में भारी कमजोरी आने के बावजूद इससे लाभान्वित होने वाले आईटी सेक्टर के शेयरों में 1.75 फीसदी की गिरावट आई। बैंक, रीयल्टी, पावर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर शेयर 1-1.5 फीसदी कमजोर हुए।
एशियाई बाजारों से कमजोरी के संकेत मिलने और रुपये में भारी गिरावट की वजह से घरेलू बाजार लाल निशान में खुले। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 10 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचने से बाजार टूटे। सेंसेक्स 20,000 के नीचे पहुंचा। निफ्टी 40 अंक से ज्यादा फिसला।
हालांकि, खुदरा महंगाई में अनुमान से ज्यादा गिरावट आने से बाजार निचले स्तरों से संभले। महंगाई कम होने से आरबीआई द्वारा दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद बढ़ने से बैंक और रीयल्टी शेयरों में खरीदारी बढ़ती नजर आई। लेकिन, बाजार में ज्यादा देर तक रिकवरी नहीं टिक पाई।
यूरोपीय बाजारों के कमजोरी पर खुलने से भी घरेलू बाजारों को सहारा नहीं मिल पाया। वहीं, अप्रैल में व्यापार घाटा 27 फीसदी बढ़ने से बाजार का मूड खराब हुआ। सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा गिरा। वहीं, निफ्टी में 60 अंक से ज्यादा की कमजोरी आई। मिडकैप शेयरों में 1 फीसदी की गिरावट दिखी।
कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में गिरावट गहराई और बाजार 2 फीसदी से ज्यादा लुढ़के। सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा टूटा। निफ्टी 5,975 के नीचे फिसला। मिडकैप शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट आई। स्मॉलकैप शेयर भी 1 फीसदी कमजोर हुए। 2013 की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दिखी।
सेंसेक्स में 2013 की बड़ी गिरावटें
तारीख ------- गिरावट ------- बंद हुआ
13 मई 2013 ------- 430.67 ------- 19,691.67
21 फरवरी 2013 ------- 317.39 ------- 19,325.36
26 फरवरी 2013 ------- 316.55 ------- 19,015.14
12 अप्रैल 2013 ------- 299.64 ------- 18,242.56
4 अप्रैल 2013 ------- 291.94 ------- 18,509.70
19 मार्च 2013 ------- 285.10 ------- 19,008.10
3 अप्रैल 2013 ------- 239.31 ------- 18,801.64
9 अप्रैल 2013 ------- 211.30 ------- 18,226.48
3 मई 2013 ------- 160.13 ------- 19,575.64