घरेलू शेयर बाजार को जहां ग्लोबल वजह से शुरुआती कारोबार में बढ़त मिली, वहीं घरेलू कारणों ने इसे आखिरकार गिरावट के मुकाम पर ला खड़ा किया।
साइप्रस को बेल आउट पैकेज पर सहमति बनने की खबर से विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद घरेलू स्तर पर राजनीतिक संकट की सुगबुगाहट से बाजार में बिकवाली का दौर चल पड़ा। इसके दबाव में घरेलू शेयर बाजार लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिर कर चार महीने के सबसे निचले स्तर पर बंद हुए।
बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स करीब 150 अंक के उछाल के साथ खुने के बावजूद बिकवाली की चपेट में आकर आखिरकार 54.18 अंक नीचे 18,681.42 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 17.50 अंक घटकर 5,633.85 अंक पर रहा। बीएसई के मिड कैप में 19.64 और स्मॉल कैप में 46.02 फीसदी की गिरावट रही।
बीएसई में रीयल्टी, पावर, तेल-गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू को छोड़कर बाकी वर्ग लाल नुकसान में रहे। सबसे ज्यादा बिकवाली टेक वर्ग में हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने तेज शुरुआत की पर बाद में दोनों ही दबाव में आ गए। बीच कारोबार में सेंसेक्स 18,950.22 अंक के ऊपरी और 18,654.61 अंक के निचले दायरे में रहा।
निफ्टी ने बीच सत्र में 5,718.40 अंक के ऊपरी और 5,624.40 अंक के निचले स्तर को भी छुआ। साइप्रस के लिए यूरोपीय संघ, यूरोपीय केंद्रीय बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से 10 अरब यूरो के राहत पैकेज को मंजूरी से यूरोपीय बाजार बढ़त में दिखे। हालांकि एशियाई बाजारों पर इसका मिलाजुला असर रहा।
सेंसेक्स में लाभ कमाने वाले शेयरों में ओएनजीसी 2.96 फीसदी, एनटीपीसी 2.04, एचडीएफसी 1.16, रेड्डीज लैब 0.77, हिन्दुस्तान यूनि 0.72, एचडीएफसी बैंक 0.70, टीसीएस 0.26, टाटा मोटर्स 0.07 और कोल इंडिया 0.03 प्रतिशत मुनाफे के साथ शामिल रहे।
नुकसान उठाने वालों में हीरो मोटोकॉर्प, टाटा स्टील, एलएंडटी, भारती एयरटेल, गेल इंडिया, हिंडाल्को और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 1.50 से 2.5 फीसदी तक गिरावट में रहे। मारुति, विप्रो, एसबीआई, बजाज ऑटो, महिंद्रा, आईटीसी, स्टरलाइट, सिप्ला, जिंदल स्टील, भेल, इनफोसिस, टाटा पावर व रिलायंस के शेयरों में 0.16 से 1.36 फीसदी की गिरावट रही।