बाजार को प्रभावित करने के इरादे से जारी की जाने वाली मनमाफिक और फर्जी रिपोर्टों पर लगाम कसने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) नए नियम लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत सेबी ने रिसर्च एनालिस्ट के लिए नए नियमों व मानकों का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी किया है। सेबी की ओर से प्रस्तावित इन नए मानकों में रिसर्च एनालिस्ट की गतिविधियों से जुड़े हितों के टकराव को लेकर खास जोर दिया गया है।
सेबी के प्रस्तावित नए मानकों के तहत भारतीय बाजार में या भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम करने की इच्छुक विदेशी संस्थाओं के लिए भारत में पंजीकृत संस्था के साथ करार करना जरूरी हो जाएगा। विदेशी रिसर्च एनालिस्टों के साथ ही घरेलू एनालिस्टों पर भी नए नियमों के तहत घोषणाओं (डिस्क्लोजर) और समीक्षा के कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे।
इसके अलावा इन नियमों के जरिए कंपनियों को छद्म तरीकों से रिसर्च एनालिस्ट जैसी सेवाएं दिए जाने पर भी नकेल कसने का सेबी का इरादा है। सेबी की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि गजट में प्रकाशित होने के 19वें दिन से यह नियम प्रभाव में आ जाएंगे। लागू होने पर इन नए नियमों को सेबी (रिसर्च एनालिस्ट) रेग्यूलेशन 2014 के नाम से जाना जाएगा।