सेबी ने शुक्रवार को सहारा समूह के प्रमोटर सुब्रत रॉय को गिरफ्तार करने का आवेदन सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है। उनके देश से बाहर जाने पर रोक लगाने की भी मांग की है।
सेबी ने यह आग्रह समूह की दो कंपनियों की ओर से अदालत के उस आदेश का अनुपालन करने में विफल रहने पर किया है, जिसमें सहारा समूह की दो कंपनियों की ओर से निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने को कहा गया था।
जस्टिस के एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष बाजार नियामक ने इस आवेदन पर सुनवाई करने की अनुमति देने की मांग की, जिस पर पीठ ने सहमति जताते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह में आग्रह पर सुनवाई की मंजूरी प्रदान कर दी।
सेबी ने पीठ के समक्ष दलील दी कि रॉय को गिरफ्तार करने और सिविल प्रिजन में हिरासत में रखने का कदम उठाने की मंजूरी दी जाए। इसके अलावा दोनों कंपनियों के निदेशकों अशोक राय चौधरी और रवि शंकर दुबे का पक्ष रखने का समुचित मौका देकर उनके खिलाफ भी इसी कार्रवाई को करने की अनुमति दी जाए।
सेबी ने कोर्ट से इन सभी के पासपोर्ट जब्त करने का आदेश जारी करने की गुजारिश भी की। सहारा समूह और सेबी के बीच निवेशकों का पैसा लौटाने संबंधी कानूनी लड़ाई चल रही है। सेबी का कहना है कि सहारा इंडिया रीयल एस्टेट और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं कर रही हैं।
हाल ही में सहारा की आखिरी उम्मीद भी उस समय टूट गई थी, जब कोर्ट ने उसकी दोनों कंपनियों को निवेशकों के पैसा लौटाने के लिए और समय देने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर ने अदालत के आदेशों का अनुपालन करने में असफल रहने पर नाराजगी जताते हुए सेबी से पूछा था कि फरवरी के पहले सप्ताह तक पैसा लौटाने के निर्देश का पालन क्यों नहीं हुआ।
साथ ही कहा था कि यदि हमारे आदेश के मुताबिक आप राशि को नहीं लौटाया जाता तो आपके अदालत आने का कोई मतलब नहीं है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के खिलाफ सेबी की ओर से दायर दो अवमानना याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था। साथ ही बैंक खातों को सील करने की मंजूरी भी दी थी।
गौरतलब है कि 5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को आखिरी बार और समय प्रदान किया था। साथ ही 5,120 करोड़ रुपये तत्काल प्रभाव से लौटाने को कहा था। यह पैसा उन निवेशकों कौ लौटाया जाना था, जिन्होंने सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड में जमा किया था।
नहीं की कोई गड़बड़ी: सहारा
सेबी द्वारा सहारा समूह के प्रमोटर सुब्रत राय की गिरफ्तारी की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए जाने के बाद सहारा समूह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उसका सारा कारोबार कानूनी ढंग से चलाया जा रहा है और निवेशकों के साथ किसी तरह गड़बड़ी उसने नहीं की है, न ही उसका ऐसा कोई इरादा रहा है। कंपनी ने एडवांस टैक्स के रूप में 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आयकर विभाग में जमा की है।