देश की सूचीबद्ध कंपनियों के लिए 1 अक्तूबर से लागू की जा रही व्हिसल ब्लोअर प्रणाली के दायरे में बाजार से जुड़ी विभिन्न संस्थाएं और खुद पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) भी आ सकता है।
सेबी के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड ने सलाह दी है कि सेबी को कंपनियों के साथ-साथ प्रतिभूति बाजार में भी एक असरदार व्हिसल ब्लोअर प्रणाली को लागू किया जाए। सेबी के एक आला अधिकारी के मुताबिक बोर्ड के इस सुझाव के बाद अब सेबी अपने लिए भी एक व्हिसल ब्लोअर नीति तैयार कर रहा है। इससे नियामक के भीतर किसी तरह की गड़बड़ियों को सामने लाने वाले कर्मचारियों को परेशान किए जाने से बचाया जा सके।
अधिकारी ने बताया कि सेबी का मानना है कि पहले वह खुद अपने लिए एक व्हिसल ब्लोअर नीति तैयार करे। उसके बाद बाजार से जुड़ी अन्य संस्थाओं व नियामकों से भी अपने यहां व्हिसल ब्लोअर प्रणाली लागू करने को कहा जाएगा।
गौरतलब है कि कॉरपोरेट सेक्टर में कई बड़े घोटाले और गड़बड़ियां सामने आने के बाद सेबी ने सभी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए व्हिसल ब्लोअर प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने का फैसला किया गया है। अक्तूबर से लागू होने वाले कॉरपोरेट गवर्नेंस के नए नियमों के तहत इस प्रणाली को लागू किया जाएगा।
इस प्रणाली के दायरे में कर्मचारियों के साथ ही कंपनियों के निदेशक भी आएंगे। सेबी की इस कवायद का उद्देश्य गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों (व्हिसल ब्लोअर) परेशान किए जाने से बचाना है।