सुप्रीम कोर्ट ने पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को निर्देश दिया कि यदि सहारा समूह न्यायालय के आदेश पालन नहीं करता है, तो सेबी उस पर कार्रवाई कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को निर्देश दिया था कि वह समूह की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों से जुटाए गए 24 हजार करोड़ रुपये के संबंध निवेशकों की जानकारी सेबी को 10 दिन के भीतर उपलब्ध कराए।
सहारा समूह ने न्यायालय के इस आदेश पर सेबी को निवेशकों की जानकारी नहीं दी। सहारा समूह द्वारा सेबी को निवेशकों के मूल दस्तावेज नहीं सौंपे जाने पर सेबी ने फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि यह मामला पहले ही निपट चुका है और इस संबंध में न्यायालय के आदेश का पालन किया जाए।
सेबी की याचिका पर न्यायालय और कोई आदेश नहीं दे सकता। सहारा समूह का कहना था कि वह नवंबर तक सभी दस्तावेज सौंप देगा और इस बारे में एक याचिका देगा। इस पर उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यह सहारा समूह पर निर्भर करता है कि वह याचिका दें। न्यायालय ने सेबी से कहा कि उसके आदेश का पालन किया जाना चाहिए।