भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उम्मीद जताई है कि उसके साथ वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) का विलय छह माह से एक साल के भीतर पूरा हो जाएगा।
सेबी के मुताबिक विलय की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय और मानव संसाधन संबंधी जरूरतों को पूरा करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से चल रही है। विलय के लिए मुख्य मुद्दा एफएमसी के कर्मचारियों के लिए अगले तीन-चार साल के लिए वेतन की राशि उपलब्ध कराने की है।
इस राशि से ही इन कर्मचारियों को शुरुआती दौर में वेतन दिया जाएगा, जबतक कि नया निकाय अपनी खुद की आय अर्जित करना न शुरू कर दे। गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2014-15 के बजट में एमफएमसी का सेबी के साथ विलय करने की घोषणा की थी।
सरकार ने यह कदम इक्विटी और कमोडिटी बाजार के सुचारु और ज्यादा पारदर्शी ढंग से संचालन के लिए यह कदम उठाया है। बीते वर्ष एमसीएक्स एक्सचेंज का घोटाला सामने आने के बाद से ही सेबी और एफएमसी का विलय करने की मांग उठ रही है।