पूंजी बाजार नियामक सेबी जल्द ही लिस्टेड कंपिनयों के लिए अधिग्रहण मानकों में बदलाव पर विचार कर रहा है। इसके तहत कम हिस्सेदारी वाले निवेशकों को पेशकश की जाने वाली कीमतों के प्रावधान में भी बदलाव किया जा सकता है।
ये बदलाव सूचीबद्ध कंपनियों में होने वाले विलय और अधिग्रहण के सौदों में छोटे निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सेबी की ओर से किए जा रहे उपायों का भाग होंगे। सेबी इन बदलावों के जरिए संबंधित कंपनियों के लिए नियमों के अनुपालन को और आसान बनाना चाहता है।
सूत्रों का कहना है कि बदलावों से जुड़ा यह प्रस्ताव अभी शुरूआत चरण में है और इस बारे में कोई भी फैसला सभी भागीदारों से विचार विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। बदलावों के तहत नए कंपनी कानूनों का भी ध्यान रखा जाएगा। नया कंपनी कंपनी 1 अप्रैल, 2014 से लागू हो गया है। इसके अलावा सेबी मौजूदा नियमों में सामने आई कमियों को खत्म करने के लिए नए नियम बना सकता है। इसमें जेट-ऐतिहाद डील के मामले के बाद नियंत्रण की परिभाषा से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
सेबी ने 2011 में लिस्टेड कंपनियों के लिए विलय एवं अधिग्रहण के नियमों में बड़े पैमाने पर बदलाव किया था। इसके तहत सेबी ने नया अधिग्रहण कोड लागू किया था। इस वर्ष की शुरूआत में सेबी ने यह भी कहा था कि प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के लिए और पब्लिक शेयरहोल्डर्स को ऑफर की जाने वाली कीमत सौदे को बोर्ड द्वारा मंजूरी दिए जाने के समय बाजार की कीमत के कीमत के आधार पर तय की जानी चाहिए।