बाजार नियामक सेबी शुक्रवार को सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम पब्लिक होल्डिंग की अनिवार्यता संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रमोटरों से निपटने के कदमों पर विचार करेगा। सेबी बोर्ड की बैठक में आईपीओ में छोटे निवेशकों के लिए ‘सेफ्टी नेट’ बनाने सहित कई मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
सेबी बोर्ड में दो बड़े कारपोरेट मसलों पर जानकारी दी जा सकती है, जिनमें सहारा समूह द्वारा निवेशकों को धन की वापसी और कांसेंट ऑर्डर के जरिए मामले निपटाने के उसके फैसले के खिलाफ रिलायंस इंडस्ट्रीज की अपील शामिल है। सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले को कांसेंट ऑर्डर के जरिए मामले को रफादफा करने की रिलायंस इंडस्ट्रीज की अपील खारिज कर दी थी।
सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक बोर्ड न्यूनतम पब्लिक होल्डिंग नियमों की अनुपालना के संबंध में नए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे सकता है। इस साल जून तक निजी कंपनियों को 25 फीसदी की न्यूनतम पब्लिक होल्डिंग (सार्वजनिक अंशधारिता) को हासिल करना जरूरी है।
जबकि सरकारी कंपनियों को अगस्त तक 10 फीसदी न्यूनतम पब्लिक होल्डिंग रखनी होगी। सेबी बोर्ड की बैठक में आईपीओ में अनिवार्य सेफ्टी नेट के प्रावधान करने संबंधी नियमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा करने के लिए बाजार नियामक की ओर से सितंबर में आईपीओ सेफ्टी नेट लाए जाने के लिए एक चर्चा पत्र लाया गया था। इस पर 31 अक्तूबर 2012 तक लोगों की टिप्पणी मंगाई गई थी।