बाजार नियामक सेबी ने आम जनता को आगाह करने के बाद अब बैंकों, अन्य वित्तीय सेवा फर्मों और सरकारी विभागों सहित सैकड़ों संस्थानों से कहा है कि वह सहारा समूह की दो कंपनियों के साथ किसी भी तरह के लेनदेन में सतर्क रहें।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पिछले महीने सहारा समूह की दो कंपनियों के साथ इनके प्रवर्तकों के सारे बैंक खाते, निवेश और अन्य संपत्तियों को अटैच करने के आदेश दिए थे। इन प्रवर्तकों में सहारा प्रमुख सुब्रत राय भी शामिल हैं।
सेबी ने आम लोगों से कहा था कि वह सहारा समूह की सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और उनके तीन प्रवर्तकों व निदेशकों से लेनदेन में सतर्कता बरतें।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अब सेबी ने बैंकों, म्यूचुअल फंडों, पूंजी बाजार फर्मों और संपत्ति संबंधी मामलों से जुड़े सरकारी विभागों से सहारा की इन दोनों कंपनियों से सतर्क रहने को कहा है, जो कि कुर्की आदेश का सामना कर रही हैं।
सेबी का कहना है कि कुर्की आदेश का सामना कर रही संपत्तियों से जुड़ा कोई भी लेनदेन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के हिसाब से नियामकीय निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि सेबी पहले ही ऐसी सैकड़ों एडवाइजरी जारी कर चुका है और अधिकांश एडवाइजरी विभिन्न कंपनियों को भेजी जा रही हैं। सहारा की दो कंपनियों से 19 हजार करोड़ रुपये की रिकवरी कर निवेशकों को उनकी रकम वापस देने के लिए वह बैंकों, रिजर्व बैंक और अन्य एजेंसियों की मदद मांग रहा है।