नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्क्स ने देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अपना कारोबार रिलायंस मनी को आउटसोर्स करने का विरोध किया है।
संगठन के अनुसार एसबीआई प्रबंधन ने रिलायंस मनी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ ग्राहकों की पहचान करने, उनके आवेदन को स्वीकार करने, प्रोसेस करने और कलेक्शन आदि सेवाओं के लिए समझौता किया है, जो कि उचित नहीं है।
संगठन के महासचिव अश्वनी राणा द्वारा जारी पत्र के अनुसार एसबीआई प्रबंधन के इस कदम से रिलायंस मनी को एक सेवा प्रदाता होने के कारण छोटी जमाएं लेने, माइक्रो इंश्योरेंस उत्पाद बेचने जैसी बैंकिंग सेवाओं देने का अधिकार मिल जाएगा।
जो कि बिजनेस कॉरस्पॉडेट के जरिए दी जाने वाली सेवाओं से अलग होगी। एसबीआई के इस कदम का संगठन ने विरोध करने का फैसला किया है।