देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) छोटे और मझोले उद्योगों (एसएमई) को कर्ज देने पर अपना फोकस बढ़ाएगा। निवेशकों में फिर से आई तेजी के चलते मिली रकम का इस्तेमाल बैंक एसएमई सेक्टर की कंपनियों को कर्ज उपलब्ध कराने में करेगा। इसके लिए देशभर में एसएमई डेडिकेटेड शाखाएं खोली जाएंगी, जो केवल एसएमई कंपनियों को कर्ज देने का ही काम करेंगी।
एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि अबतक हम एसएमई को कर्ज देने के लिए विशेष टीमों और शाखाओं को जिम्मेदारी दे रहे थे। इसमें एसएमई सिटी क्रडिट सेल की संस्तुति के बाद कंपनियों को कर्ज दिया जा रहा था। इस मॉडल में कुछ खामिया देखने के बाद अब हम एसएमई कर्ज के लिए खासतौर पर शाखाएं शुरू करने जा रहे हैं। यह शाखाएं पूरी तरह से केवल यही काम करेंगी।
गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों में कारोबारी माहौल में सुस्ती के चलते कंपनियों द्वारा लोन डिफाल्ट के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। डिफाल्ट की यह प्रवृत्ति खासतौर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सबसे ज्यादा देखने को मिली, जबकि एसएमई कंपनियों के दिए गए लोन में डिफॉल्ट काफी कम रहा। इसे देखते हुए एसबीआई अब एसएमई सेक्टर की कंपनियों को कर्ज देने पर अपना फोकस बढ़ाने जा रहा है। हालांकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान एसएमई को कर्ज में कमी दर्ज की गई है।
बीती तिमाही में एसबीआई ने एसएमई को 1,73,010 करोड़ रुपये का कर्ज दिया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह राशि 1,75,407 करोड़ रुपये थी। हालांकि एसबीआई का कुल कर्ज कारोबार इस अवधि में 12.52 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 10,95,145 करोड़ के मुकाबले 12,32,288 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।