प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने भेदिया कारोबार (इनसाइडर ट्रेडिंग) के आरोप में रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक इकाई रिलायंस पेट्रो इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड पर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लगाए गए 11 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा है।
सेबी द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वर्ष 2007 मे उसके फैसले को सैट में चुनौती दी थी। रिलायंस पेट्रो इंवेस्टमेंट लिमिटेड का रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय किया गया था, जिस पर सेबी ने अनुचित कारोबार तरीका (एफयूटीपी) नियमन के तहत जुर्माना लगाया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस मामले में सेबी द्वारा अपनाई गई पक्रिया को चुनौती दी थी। कंपनी ने इस मामले को आपसी सहमति से निपटाने की पेशकश भी की थी। सैट के पीठासीन अधिकारी जे देवधर ने यह कहते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज की याचिका खारिज कर दी कि इस पर विचार नहीं किया जा सकता है।
हालांकि अब रिलायंस इंडस्ट्रीज उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सेबी की आपसी सहमति प्रक्रिया को चुनौती दे सकती है।