आर्थिक सुधारों की दिशा में तेजी से बढ़ रही केंद्र सरकार को रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने फिर झटका दिया है। एजेंसी ने 2012-13 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 1 फीसदी घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एसएंडपी ने भारत का आउटलुक भी नेगेटिव किया था। एसएंडपी के अलावा क्रिसिल भी भारत की अनुमानित जीडीपी दर घटाकर 5.5 फीसदी कर चुकी है। 2012-13 के लिए एचएसबीसी भी भारत की विकास दर का अनुमान कम कर चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेटिंग एजेंसी का निर्णय इस बात का संकेत है कि भारत को आर्थिक सुधार के लिए अभी और कदम उठाने की जरूरत है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह मल्टी ब्रांड रिटेल और एविएशन में एफडीआई की इजाजत देकर सुधार की तरफ तेजी से बढ़ने के संकेत दिए थे। केंद्र आर्थिक सुधारों के कुछ और निर्णय ले सकता है, इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार, सी रंगराजन ने कहा है कि एसएंडपी का जीडीपी दर का अनुमान गलत है। अर्थव्यवस्था में कई तरह के सुधार के संकेत दिख रहे हैं और आने वाले 6 महीनों में अर्थव्यवस्था की हालत सुधरेगी। एसएंडपी ने भारत के अलावा चीन का भी जीडीपी दर अनुमान 0.5 फीसदी से घटाया है। एसएंडपी के मुताबिक चीन की ग्रोथ 7.5 फीसदी रह सकती है। गौरतलब है कि योजना आयोग भी 12वीं पंचवर्षीय योजना में औसत आर्थिक विकास दर 9.0 फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी रहने का अनुमान जारी कर चुका है।