इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को मजबूती देने पर सरकार के फोकस के मद्देनजर स्टील बनाने वाली सरकारी कंपनी सेल स्टील की मांग को पूरा करने के लिए कमर कस कर तैयार है।
सेल के चेयरमैन सीएस वर्मा ने बताया कि कंपनी अपना एक विजन-2025 डाक्यूमेंट तैयार कर रही है। इसके तहत सेल का दायरा बढ़ाने के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। यह राशि मौजूदा समय में कंपनी के विस्तार में लगाई जा रही राशि के अतिरिक्त होगी।
सेल की 42वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए वर्मा ने बताया कि चालू वर्ष में कंपनी के विस्तार के लिए 9,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। कंपनी किफायती ढंग से नई तकनीक और ऑटोमेशन को अपना कर स्टील की मांग को पूरा करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा अपने उत्पादों की क्वालिटी को बेहतर बनाने और उसका दायरा बढ़ाते हुए कार्यदक्षता में सुधार लाने पर भी जोर दिया जाएगा।
वर्मा ने नई सरकार द्वारा मैन्यूफैक्चरिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी लाने और देश में स्मार्ट सिटी, नए बंदरगाह, पावर प्लांट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) विकसित करने पर जोर देने को एक सकारात्मक कदम बताया। साथ ही इस सबके लिए जरूरी स्टील की मांग को पूरा करने के लिए सेल तैयार होने की बात भी कही।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में सेल के कर पश्चात लाभ में 21 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई ह। कंपनी ने बीते वित्त वर्ष में मुनाफा 2,616 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। कंपनी ने बीते वित्त वर्ष के लिए 20.20 फीसदी के लाभांश (डिविडेंड) की घोषणा की है। इस अवधि में सेल का टर्नओवर 51,866 करोड़ रुपये रहा, जो अबतक का सबसे ऊंचा स्तर है। इसमें सालाना आधार पर 5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।
उन्होंने बतया कि सेल पिछले पांच वर्ष से हर साल कंपनी के आधुनिकीकरण और विस्तार पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। वित्त वर्ष 2014-15 में इसके लिए 9,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।