डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। बुधवार के कारोबार में एक समय ऐसा आया जब यह गिरकर 60.20 रुपये के निचले स्तर पर चला गया।
रुपये में अभी तक के गिरावट के लिए 61.21 का रिकॉर्ड है। बाजार में रुपये में तेज गिरावट के बाद रिजर्व बैंक के अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप के बाद रुपये में रिकवरी का दौर चला और यह मंगलवार की तुलना में 7 पैसे मजबूत होकर 60.40 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
सरकार द्वारा निर्यात बढ़ाने के लिए की गई घोषणाओं के बाद बाजार में रिकवरी का दौर चला। कारोबार की शुरुआत 60.47 के पूर्व स्तर की तुलना में 60.91 पर हुई और कारोबार के बीच अब तक के न्यूनतम 61.21 के करीब 61.20 रुपये प्रति डॉलर तक गया।
वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार एफडीआई के नियमों में और लचीलापन लाएगी और सरकारी कंपनियों से कहा जाएगा कि वे विदेश से फंड उगाहें। इस तरह की घोषणाओं का बाजार में सकारात्मक प्रभाव पड़ा। वाणिज्य मंत्री ने भी निर्यातकों के कर्ज पर ब्याज की सब्सिडी दो फीसदी से बढ़ाकर तीन फीसदी कर दिया।
इंडिया फॉरेक्स एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ अभिषेक गोयनका ने कहा कि वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री की घोषणाओं के बाद बाजार में जान लौटी।