डॉलर के हाथों बीते कई दिनों से लगातार पिट रहा रुपए संभलने का नाम नहीं ले रहा। तमाम उपायों के बावजूद उसका कमजोर होना जारी है और इसकी ताजा वजह अमेरिकी इकनॉमी में वापसी के संकेत हैं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 61.74 के स्तर तक टूट गया है, जो नया रिकॉर्ड है। इससे पहले उसने 61.21 तक का स्तर तोड़ा था।
अमेरिकी डॉलर में मजबूती का कारण वहां की अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत हैं। जानकारों का मानना है कि रुपए में लगातार कमजोरी बढ़ती जा रही है, इसलिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह कहां तक गिरेगा।
रुपया पिछले महीने 8 जुलाई को 61.42 तक गिर गया था। पिछले हफ्ते भी इसे थामने के लिए आरबीआई ने कुछ कदम उठाए थे, लेकिन उनका असर होता नहीं दिख रहा।
रिएलिटी, कैपिटल गुड्स और बैंकिंग सेक्टर के शेयर मंगलवार सुबह से ही कारोबार के दौरान दबाव में रहे। इस दौरान रुपया भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
यह चिंता का विषय है कि रिजर्व बैंक जब भी रुपए थामने की कोशिश करता है, तब उसकी हालत और पतली हो जाती है।
आरबीआई ने पहली तिमाही में मौद्रिक नीति की समीक्षा में रेपो रेट और सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किए थे। दूसरी तरफ बीएसई सेंसेक्स भी मंगलावर को 19 हजार के नीचे आ गया।