अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से बाजार में मचे हड़कंप और निर्यातकों द्वारा डॉलर की तगड़ी खरीद के चलते रुपया लुढ़क कर दो माह के निचले स्तर पर आ गया। मंगलवार को रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ 62.76 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर रहा।
यूरो और येन जैसी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में आई मजबूती ने भी रुपये को कमजोर किया। इसके अलावा मंगलवार को चालू खाते के घाटे का आंकड़ा जारी होने को लेकर बाजार में सतर्कता का माहौल रहने से भी रुपये पर दबाव रहा।
मुद्रा बाजार में कारोबार बंद होने के बाद जारी आंकडे़ के मुताबिक दिसंबर में समाप्त तिमाही में चालू खाते का घाटा सालाना आधार पर दो गुना होकर 8.2 अरब डॉलर पर रहा, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.6 फीसदी है।
सोमवार को 39 पैसे की गिरावट झेलने के बाद मंगलवार को रुपया 62.55 रुपये प्रति डॉलर के पूर्व स्तर से नीचे 62.80 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर खुला। कारोबार के दौरान 62.61 के ऊपरी और 62.83 डॉलर के निचले स्तर तक जाने के बाद 62.76 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।