सरकारी बैंक कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। बैंक कर्मचारियों के प्रमोशन नियमों को वित्त मंत्रालय ने सरल कर दिया है। ऐसे में अब मानकों के आधार पर थोड़े अंतर से पिछड़ने वाले कर्मचारियों के लिए प्रमोशन की राह आसान हो सकती है।
वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों के अनुभव, न्यूनतम अंक पाने की सीमा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अनुभव के मानकों में बैंकों को अपने सुविधा अनुसार बदलाव करने का अधिकार दे दिया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों को दिए गए निर्देश के अनुसार बैंक का निदेशक मंडल प्रमोशन के लिए तय न्यूनतम अनुभव सीमा में तीन महीने की छूट दे सकता है।
इसी तरह, वार्षिक परफार्मेंस अप्रेजल रेटिंग में भी बैंक का निदेशक मंडल पिछले पांच साल में कर्मचारी के अंक पाने की सीमा को 75 फीसदी से लेकर 60 फीसदी तक में तय कर सकेगा।
कर्मचारियों को इसी तरह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में काम करने के अनुभव पर भी छूट मिल सकेगी। हालांकि, प्रमोशन नियमों में बदलाव के लिए बैंकों को अपने निदेशक मंडल की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मौजूदा दशक में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में सभी पदों पर नए कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। जिसे देखते हुए बैंक अब अपनी जरूरत के मुताबिक नियमों में बदलाव कर ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी को प्रमोशन का लाभ दे सकेंगे। मंत्रालय ने यह बदलाव वित्त वर्ष 2013-14 के लिए तय किया है।