टेलीकॉम सेक्टर में कारोबारी सहयोग के लिए करीब 1,200 करोड़ रुपये का करार करने के बाद अंबानी बंधुओं के बीच की दूरी तेजी से मिटती दिख रही है। इसकी तस्दीक दोनों समूहों के बीच बढ़ती कारोबारी गतिविधियों से हो रही है।
बुधवार को मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) समूह द्वारा अनिल अंबानी की अगुवाई में चल रहे रिलायंस म्यूचुअल फंड की कई स्कीमों में करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसे दोनों भाइयों के एक बार फिर से करीब आने के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरआईएल ने रिलायंस म्यूचुअल फंड के फिक्स्ड मेच्योरिटी वाली फंड योजनाओं और ऋणपत्र आधारित योजनाओं में करीब 800 करोड़ रुपये की नकदी अपने निवेश के जरिये झोंकी है।
गौरतलब है कि रिलायंस म्यूचुअल फंड अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की वित्तीय इकाई रिलायंस कैपिटल की एक प्रमुख सहायक इकाई है। धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के बाद अलग हुए दोनों भाइयों के कारोबारी समूहों के बीच करीब तीन साल पहले कड़वाहट कम होनी शुरू हुई थी, जब मुकेश और अनिल अंबानी ने एक-दूसरे के खिलाफ कारोबारी प्रतिस्पर्धा में न उतरने के करार पर हस्ताक्षर किया था।