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NTPC व कोल इंडिया में टकराव, बढ़ सकती बिजली की किल्लतें

Sat, 06 Apr 2013 11:19 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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कोयला को लेकर कोल इंडिया और एनटीपीसी में बढ़ते विवाद को देखते अब कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दखल दिया है।
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कोयला मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) को निर्देश दिया कि वह बिजली बनाने वाली सरकारी कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) को फिलहाल उसकी कुल ईंधन संबंधी जरूरतों का कम से कम 50 फीसदी कोयला देती रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोल इंडिया और एनटीपीसी के झगड़े का उचित निदान नहीं हुआ तो उत्तर और पूर्वी भारत में बिजली की किल्लत बढ़ सकती है।

कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कि एनटीपीसी को कोयले की आपूर्ति बंद नहीं की गई है। कोयला मंत्री का यह बयान एनटीपीसी की ओर से भुगतान रोके जाने के कारण कोल इंडिया द्वारा उसकी कोयला अपूर्ति बंद किए जाने की खबरों के बाद आया है।
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जायसवाल ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि एनटीपीसी और सीआईएल आपसी बातचीत के जरिये यह मामला सुलझा लेंगी।

गौरतलब है कि सप्लाई किए गए कोयले की गुणवत्ता खराब होने को लेकर एनटीपीसी और सीआईएल कुछ समय आमने-सामने आ गई थीं।

एनटीपीसी को आपूर्ति किए जाने वाले कोयले की गुणवत्ता के सवाल पर कोयला मंत्री ने कहा कि हम किसी तीसरे पक्ष द्वारा कोयले की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन एक बार कोयला पहुंचने के बाद हम किसी तीसरी पार्टी से इसकी जांच के लिए राजी नहीं हैं।

जायसवाल ने कहा कि ईंधन आपूर्ति समझौता (एफएसए) से संबंधित मसले को भी जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

गौरतलब है कि बीते दिनों एनटीपीसी ने कोयले की खराब गुणवत्ता के कारण कोल इंडिया के साथ ईंधन आपूर्ति समझौता (एफएसए) करने से मना कर दिया था।
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