कंज्यूमर सेक्टर में गिरावट और कमजोर वैश्विक आर्थिक माहौल के चलते अर्थव्यवस्था में आ रही रिकवरी की रफ्तार दिसंबर में सुस्त पड़ गई है। वित्तीय व कंटेंट संबंधी सूचनाएं देने वाले फर्म ब्लूफिन की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। तमाम आर्थिक रुझानों को व्यक्त करने वाले ब्लूफिन बिजनेस साइकिल सूचकांक में मासिक आधार पर दिसंबर में गिरावट आई है। नवंबर के 160 अंक के मुकाबले दिसंबर में यह आंकड़ा घटकर 159.7 पर रह गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक मंदी के चलते देश का विदेशी कारोबार प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही घरेलू कंज्यूमर सूचकांक में गिरावट ने भी अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधार की गति पर ब्रेक लगाया है। हालांकि, बुनियादी और मझोले सेक्टरों का सकारात्मक रुझान बना हुआ है। सरकार की ओर से आर्थिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों का आने वाले दिनों में सकारात्मक असर होने की संभावना है। अभी हाल के रुझानों पर इनका असर नहीं दिखाई दिया है।
ब्लूफिन के निदेशक सैम थॉमस का कहना है कि वैश्विक कमजोरी के कारण भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार की गतिविधियों में नरमी आई है। वित्तीय सुधार के कदमों को तर्कसंगत रूप से जल्द से जल्द लागू किया जाना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे वैश्विक गिरावट के दबाव से निपटने में मदद मिलेगी।