रीयल एस्टेट सेक्टर के नियमन के लिए सरकार बजट सत्र में रीयल एस्टेट नियामक अधिनियम पेश कर सकती है। यह बात केंद्रीय आवास मंत्री अजय माकन ने कही। माकन ने कहा कि रीयल एस्टेट रेग्यूलेटरी बिल में रीयल्टी कारोबार के नियमन के लिए एक अलग निकाय के गठन के साथ-साथ मकानों की वाजिब कीमतों के निर्धारण, कंपनियों की जवाबदेही तय करने और रीयल एस्टेट सौदों से संबंधित विवादों के तेजी से निपटारे की प्रणाली स्थापित करने संबंधी प्रावधान किए जाएंगे।
माकन ने बताया कि बिल को लेकर मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श जारी है। अंतर मंत्रालयीय चर्चा के बाद बिल को कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि रीयल एस्टेट सेक्टर के नियमन के लिए अलग निकाय बनाने जैसे प्रस्तावों वाले इस बिल का मसौदा 2009 से ही सरकार के पास लंबित पड़ा है।
सस्ती आवास योजनाओं के लिए विदेशों से वाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) की सीमा बढ़ाने पर सरकार के रुख के बारे में पूछे जाने पर माकन ने कहा कि इस मसले पर हम वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा कर रहे हैं। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक सस्ते मकान मुहैया करने वाली आवासीय योजनाओं के लिए ईसीबी के जरिये एक अरब डॉलर तक का विदेशी कर्ज हासिल करने की अनुमति दे चुका है।