रिजर्व बैंक द्वारा विकास दर का अनुमान घटाने और आयातकों द्वारा डॉलर की मांग बढ़ने से मंगलवार को रुपया 106 पैसे की भारी गिरावट लेकर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।
डॉलर के मुकाबले रुपया 60.47 के स्तर पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने और जीडीपी का अनुमान घटाकर 5.5 फीसदी करने से रुपये तेज गिरावट आई है।
अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में मंगलवार को रुपये में गिरावट के साथ 59.62 पर कारोबार शुरू हुआ। पिछले सत्र रुपया 59.41 के स्तर पर था। बीच सत्र में रुपया 59.52 के उच्च और 60.55 के निचले स्तर तक रहा।
आखिर में पिछले सत्र के मुकाबले 106 पैसे यानी 1.78 फीसदी की भारी गिरावट लेकर 60.47 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये में पिछले एक माह की सबसे बड़ी गिरावट है।
अल्परी फाइनेंशियल सर्विसेज (इंडिया) के सीईओ प्रमित ब्रह्मभट्ट का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट के चलते मंगलवार को रुपया वायदा करीब दो फीसदी गिरकर 60.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
आयातकों द्वारा माह के आखिर की डॉलर मांग आने से रुपये में कमजोरी आई। मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए यह उम्मीद है कि रुपया 61.21 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर को पार कर सकता है।